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05 June, 2013

'भाजपा पारदर्शिता के पक्ष में'

पंजाब केसरी, चंडीगढ़
भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो पार्टीफंड का सारा हिसाब कराकर चुनाव आयोग को भेजती है । इस मामले में सुचना अधिकारी व चुनाव आयोग के कार्यक्षेत्र स्पष्ट किए जाने चाहिए और दोनों के दायरे फिक्स होने चाहिए । जिससे पारदर्शिता बनी रहती है । - सत्य पाल जैन, पूर्व सांसद

भाजपा हमेशा रही पारदर्शिता के पक्ष में

 दैनिक सवेरा, चंडीगढ़ 
भाजपा के पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता सत्य पाल जैन ने राजनितिक दलों को सुचना के अधिकार कानून के दायरे में लाए जाने का सवागत करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से ही पारदर्शिता के पक्ष में रही है ।

भाजपा हमेशा पारदर्शिता के पक्ष में रही है। ......पार्टी हर वर्ष आंतरिक चुनाव करवाती है। जिससे पारदर्शिता बनीं रहती है। - सत्य पाल जैन, पूर्व सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता।

अमर उजाला, चंडीगढ़
भाजपा हमेशा पारदर्शिता के पक्ष में रही है। ......पार्टी हर वर्ष आंतरिक चुनाव करवाती है। जिससे पारदर्शिता बनीं रहती है। - सत्य पाल जैन, पूर्व सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता।

20 February, 2008

सूचना के अधिकार प्राप्ति के आवेदनों के फीस बढ़ना है गलत

जागरण याहू (Jagran.Yahoo.com)
Feb 20, चंडीगढ़- चंडीगढ़ के पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने केंद्र की कांग्रेस (ई) सरकार द्वारा नियंत्रित चंडीगढ़ प्रशासन लोगों द्वारा सूचना प्राप्ति के लिए दिए जाने वाले आवेदनों की फीस बढ़ाने की कार्रवाई की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
     उन्होंने कहा कि यह निर्णय संसद द्वारा सर्वसम्मति से पास किए गए उस कानून का भद्दा मजाक है, जिसके माध्यम से देश की जनता को यह अधिकार दिया गया था कि कोई भी नागरिक सरकार से वह जानकारी ले सकता है, जो उसे जनहित में ठीक लगती है।
     उन्होंने कहा कि वास्तव में जनता द्वारा मांगी जा रही जा रही जानकारी में कोई फीस होनी ही नही चाहिए या फिर यदि हो तो इतनी कम कि कोई गरीब से गरीब व्यक्ति भी आसानी से दे सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर फीस बढ़ाकर एक आम गरीब नागरिक से यह अधिकार छीनने का तथा इसे कुछ चंद अमीर आदमी का ही हक बनाए रखने का प्रयास किया है। जैन ने कहा कि जनता द्वारा प्रश्न पूछने एवं जानकारी मांगने पर अधिकारिक तौर पर अधिक पैसे मांगना, उतना ही गंभीर मामला है जितना कि कुछ सांसदों ने संसद में प्रश्न पूछने के लिए पैसे मांगकर किया था। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग कि बढ़ाए गए फीस के रेट तुरंत वापिस लिया जाए ताकि आम आदमी जनता के इस अधिकार की , जो सरकारों हर वक्त चौकन्ना रखता है, इसकी रक्षा की जा सके।